अध्याय १२

परन्तु ब्रह्मादि देवताओं से नमस्कार किये जाने वाले हैं चरणपीठ जिनके, ऐसे गोलोकनाथ श्रीकृष्णचन्द्र भी अपनाये हुए पुरुषोत्तम मास का सम्पूर्ण माहात्म्य नहीं जानते हैं तो मनुष्य कहाँ से जान सकता है? ॥ ४९ ॥

इति श्रीबृहन्नारदीयपुराणे पुरुषोत्तममासमाहात्म्ये श्रीनारायणनारदसंवादे पुरुषोत्तमव्रतोपदेशो नाम द्वादशोऽध्यायः ॥ १२ ॥

ब्रह्मादिदेवानतपादपीठगोलोकनाथेन स्वकीकृतस्य ॥ माहात्म्यमेतत्पुरुषोत्तमस्य देवो न जानाति कुतो मनुष्यः ॥ ४९ ॥

इति श्रीबृहन्नारदीयपुराणे पुरुषोत्तमासमाहात्म्ये श्रीनारायणनारदसंवादे पुरुषोत्तमव्रतोपदेशो नाम द्वादशोऽध्यायः ॥ १२ ॥

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